Maruti Baleno CNG-AMT: Maruti Suzuki ने Baleno के CNG ग्राहकों के लिए बड़ा अपडेट किया है। कंपनी ने अब इस प्रीमियम हैचबैक में CNG के साथ Automated Manual Transmission यानी AMT का विकल्प पेश कर दिया है। नई Baleno CNG-AMT की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 8.32 लाख रुपये रखी गई है। यह नया विकल्प Delta और Zeta ट्रिम में उपलब्ध होगा।
Baleno CNG-AMT में कंपनी ने वही Z12E 1.2-लीटर, 3-सिलेंडर इंजन दिया है, जो CNG-मैनुअल मॉडल में मिलता है। CNG मोड में यह इंजन 70 hp की पावर और 102 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। यानी पावर के मामले में AMT और मैनुअल वर्जन में कोई बदलाव नहीं है। इंजन को 5-स्पीड AMT गियरबॉक्स से जोड़ा गया है। इसका सबसे बड़ा फायदा शहरों में बार-बार गियर बदलने और क्लच दबाने की झंझट से राहत मिलना है।
माइलेज में भी मामूली बढ़त
Maruti Suzuki का दावा है कि Baleno CNG-AMT 34.47 km/kg का माइलेज देती है। यह CNG-मैनुअल वर्जन के मुकाबले 0.86 km/kg ज्यादा है। हालांकि यह अंतर बहुत बड़ा नहीं है, लेकिन CNG-AMT को अपने सेगमेंट की ज्यादा माइलेज देने वाली प्रीमियम हैचबैक में शामिल करता है।
सबसे बड़ा समझौता: बूट स्पेस
Baleno CNG-AMT की सबसे बड़ी कमी इसका CNG टैंक लेआउट है। कंपनी ने इसमें अंडरबॉडी CNG टैंक का इस्तेमाल नहीं किया है। इसके बजाय 55-लीटर वॉटर-इक्विवेलेंट CNG सिलेंडर बूट में स्पेयर व्हील के साथ दिया गया है।
इस वजह से CNG मोड में बूट में सामान रखने की जगह लगभग खत्म हो जाती है। यानी रोजाना शहर में चलने वालों के लिए यह कार सुविधाजनक हो सकती है, लेकिन ज्यादा सामान लेकर सफर करने वालों को परेशानी हो सकती है।
Tata Altroz CNG-AMT से मुकाबला
इस सेगमेंट में Tata Altroz ही दूसरी कार है जो CNG-AMT पावरट्रेन देती है। Altroz में ट्विन CNG सिलेंडर होने के बावजूद करीब 210 लीटर का लगेज स्पेस मिलता है। ऐसे में सामान रखने के मामले में Altroz को व्यावहारिक बढ़त मिलती है।
Baleno CNG-AMT में बाकी चीजें CNG-मैनुअल मॉडल जैसी ही हैं। इसमें पेट्रोल वर्जन से लिया गया रिट्यून सस्पेंशन, टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, स्मार्टफोन कनेक्टिविटी, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल और अलग-अलग वेरिएंट के हिसाब से मल्टीपल एयरबैग और ESP जैसे फीचर्स मिलते हैं।
कुल मिलाकर, Baleno CNG-AMT उन शहरी ग्राहकों को ध्यान में रखकर लाई गई है जो CNG की कम रनिंग कॉस्ट के साथ दो-पेडल ड्राइविंग की सुविधा चाहते हैं। हालांकि इसके लिए उन्हें बेहद सीमित बूट स्पेस का समझौता करना होगा।












