Sanchar Saathi App क्या है? सरकार इसे हर मोबाइल में क्यों करना चाहती है प्री-इंस्टॉल?

Sachin Singh
Written by: Sachin Singh

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Sanchar Saathi App: भारत सरकार ने मोबाइल सुरक्षा को मजबूत करने और साइबर फ्रॉड पर लगाम लगाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने नया निर्देश जारी किया है, जिसके तहत अब भारत में बनने वाले या बाहर से आयात होने वाले हर नए मोबाइल फोन में Sanchar Saathi ऐप को प्री-इंस्टॉल करना अनिवार्य होगा। कंपनियों को यह नियम लागू करने के लिए 90 दिनों का समय दिया गया है.

क्या है सरकार का नया नियम?

सरकार ने साफ कहा है कि 90 दिनों के भीतर भारत में उपयोग के लिए बनने या आयात होकर आने वाले सभी मोबाइल फोन्स में Sanchar Saathi ऐप पहले से मौजूद होना चाहिए. इस ऐप को फोन सेटअप के समय ही यूज़र को दिखना चाहिए और इसे हटाया या डिसेबल नहीं किया जा सकेगा.

सरकार ने आदेश में लिखा, ‘हर निर्माता और आयातक यह सुनिश्चित करेगा कि Sanchar Saathi ऐप सभी मोबाइल हैंडसेट्स में प्री-इंस्टॉल हो, जो भारत में उपयोग के लिए बनाए या आयात किए जा रहे हैं.’

क्या करता है Sanchar Saathi ऐप?

DoT द्वारा विकसित Sanchar Saathi ऐप मोबाइल सुरक्षा से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सुविधाएं देता है. यह ऐप खासकर उन बढ़ते मामलों को रोकने के लिए बनाया गया है जिनमें नकली, चोरी हुए या फ्रॉड में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल फोन्स शामिल होते हैं.

इन मुख्य सुविधाओं के साथ आता है ऐप:

1. IMEI नंबर से फोन का असली-नकली पता लगाएं

उपभोक्ता किसी भी फोन का IMEI डालकर उसकी जेनुइनिटी चेक कर सकते हैं.

2. चोरी या खोए हुए मोबाइल की रिपोर्ट

ऐप के जरिए गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन को आसानी से रिपोर्ट किया जा सकता है.

3. फ्रॉड कॉल्स की शिकायत

संदिग्ध कॉल, मैसेज या किसी भी तरह के टेलीकॉम फ्रॉड को रिपोर्ट कर सकते हैं.

4. कितने मोबाइल नंबर आपके नाम पर चल रहे हैं, एक क्लिक में पता करें.

5. ब्लैकलिस्टेड या ब्लॉक IMEIs की जांच

स्टोलन या ब्लैकलिस्टेड फोन फिर से बेचे जाने के कई मामले सामने आए हैं। यह ऐप ऐसे डिवाइस पकड़ने में मदद करता है।

सरकार ने बताया कि भारत में सेकंड-हैंड मोबाइल बाजार बड़ा है, और चोरी हुए मोबाइल्स का गलत तरीके से दोबारा बेचा जाना उपभोक्ताओं के लिए बड़ी समस्या है।

क्यों हर फोन में जरूरी किया गया Sanchar Saathi ऐप?

सरकार के मुताबिक, इस ऐप को अनिवार्य करने का पीछे का मकसद है:

1. साइबर फ्रॉड रोकना

टेलीकॉम संसाधनों का दुरुपयोग करने वाले गिरोह तेजी से बढ़ रहे हैं। Sanchar Saathi फ्रॉड रिपोर्टिंग को आसान बनाता है.

2. टेलीकॉम साइबर सुरक्षा को मजबूत करना

3. IMEI की क्लोनिंग और छेड़छाड़ रोकना

IMEI के साथ छेड़छाड़ अब गैर-जमानती अपराध है, जिसमें तीन साल की जेल, 50 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं.

4. चोरी व नकली फोन के रीसैल पर लगाम

कई बार चोरी या ब्लैकलिस्टेड फोन्स बार-बार बाजार में बेचे जाते हैं.

मोबाइल कंपनियों के लिए क्या नियम लागू होंगे?

दूरसंचार विभाग ने कहा है कि

  • Sanchar Saathi ऐप फोन सेटअप के पहले स्क्रीन पर दिखाई देना चाहिए.
  • ऐप की कोई भी फंक्शनैलिटी हटाई या सीमित नहीं की जा सकती.
  • कंपनियों को 120 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट देनी होगी.
  • नियम तोड़ने पर Telecommunications Act 2023 और Cyber Security Rules 2024 के तहत कड़ी कार्रवाई होगी.

भारत में Apple, Samsung, Xiaomi, Oppo, Vivo, Google सहित सभी बड़ी कंपनियाँ मोबाइल बनाती हैं, इसलिए यह आदेश पूरे उद्योग पर लागू होगा।

व्हाट्सऐप-टेलीग्राम जैसे ऐप्स पर भी नया नियम

सरकार ने हाल ही में एक और बड़ा निर्देश जारी किया है:

हर ऐप-आधारित मैसेजिंग सर्विस को

उपयोगकर्ता के एक्टिव SIM कार्ड से हमेशा लिंक रहना होगा।

वेब वर्जन पर

हर 6 घंटे में ऑटो-लॉगआउट अनिवार्य किया गया है.

यह कदम साइबर अपराधियों द्वारा फर्जी नंबरों से मैसेजिंग ऐप्स के गलत उपयोग को रोकने के लिए उठाया गया है.

कब से लागू होगा नया निर्देश?

सरकार ने 28 नवंबर को यह निर्देश जारी किया था.

  • 90 दिनों में सभी फोन में Sanchar Saathi अनिवार्य
  • 120 दिनों में कंपनियों को देनी होगी रिपोर्ट

सरकार का दावा है कि इससे नागरिक नकली फोन खरीदने से बच सकेंगे और देश में टेलीकॉम सुरक्षा मजबूत होगी.

Sachin Singh

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सचिन सिंह 4 साल से मीडिया में अपनी सेवा दे रहे हैं. इस दौरान उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर न्यूज कंटेट राइटर के तौर पर काम किया है. वह टेक, ऑटो, एंटरटेनमेंट और इस्पोर्ट्स पर लिखने में रुची रखते हैं.

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