नकली और असली चार्जर में कैसे करें पहचान? इस Govt App 1 मिनट में करें वेरिफाई

Sachin Singh
Written by: Sachin Singh

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Charger Safety Tips: मोबाइल फोन चार्जर का ज्यादा गर्म होना सिर्फ एक आम परेशानी नहीं है, बल्कि यह आपकी सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है. मार्केट में नकली और घटिया क्वालिटी के चार्जरों की भरमार ने इस जोखिम को और बढ़ा दिया है. टेक एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसे चार्जर न सिर्फ आपके फोन की बैटरी को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि आग लगने और इलेक्ट्रिक शॉक जैसी गंभीर घटनाओं का कारण भी बन सकते हैं.

इन्हीं खतरों को देखते हुए Bureau of Indian Standards (BIS) ने एक खास समाधान पेश किया है—BIS CARE ऐप, जिसकी मदद से ग्राहक कुछ ही सेकंड में यह पता लगा सकते हैं कि उनका चार्जर असली है या नकली.

BIS CARE ऐप क्या है?

सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त BIS ने यह ऐप इसलिए लॉन्च किया ताकि ग्राहक इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स की असलियत तुरंत जांच सकें. इस ऐप से आप आसानी से यह पता कर सकते हैं कि कोई भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस—जैसे मोबाइल चार्जर, पावर बैंक, LED बल्ब, छोटे घरेलू उपकरण—BIS के सुरक्षा मानकों को पूरा करते हैं या नहीं.

ऐप में किसी भी प्रोडक्ट का ISI मार्क या R-नंबर डालते ही उसकी पूरी जानकारी सामने आ जाती है.

फेक चार्जर क्यों हैं खतरनाक?

टेक विशेषज्ञों के अनुसार नकली चार्जर कई तरह के खतरे पैदा करते हैं, जैसे:

  • चार्जर का ज्यादा गर्म होना, जिससे आग लगने या शॉर्ट सर्किट का खतरा
  • मोबाइल की बैटरी को स्थायी नुकसान
  • धीमी या रुक-रुक कर चार्जिंग
  • इलेक्ट्रिक शॉक का जोखिम

अगर चार्जिंग के दौरान जलने जैसी गंध आए, चार्जर बार-बार ढीला पड़े या असामान्य गर्मी निकले तो तुरंत उसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए.

इन 4 स्टेप्स में जांचें आपका चार्जर असली है या नकली

  1. BIS CARE ऐप डाउनलोड करें(Google Play Store या Apple App Store पर उपलब्ध है.)
  2. चार्जर पर ISI मार्क या R-नंबर खोजें(यह नंबर चार्जर, बॉक्स या प्लग पर छपा होता है.)
  3. ऐप में नंबर डालकर Verify करें.
  4. तुरंत रिपोर्ट पाएं(ऐप आपको तुरंत बताएगा कि चार्जर असली है, नकली है या मानकों पर खरा नहीं उतरता.)

अगर चार्जर नकली मिले तो क्या करें?

  • BIS CARE ऐप से सीधे शिकायत दर्ज की जा सकती है.
  • इसके अलावा, चाहें तो नजदीकी उपभोक्ता फोरम में भी शिकायत कर सकते हैं.
  • अधिकारियों का कहना है कि नकली चार्जरों का इस्तेमाल तुरंत बंद करना बेहद आवश्यक है, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके.

मोबाइल चार्जर भले ही छोटा सा उपकरण हो, लेकिन इसकी गुणवत्ता आपकी सुरक्षा से सीधा जुड़ी होती है. ऐसे में BIS CARE ऐप ग्राहक के लिए एक बेहद उपयोगी टूल साबित हो रहा है, जिससे वे कुछ ही सेकंड में अपने चार्जर की सच-झूठ की जांच कर सकते हैं और खुद को संभावित खतरों से बचा सकते हैं.

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सचिन सिंह 4 साल से मीडिया में अपनी सेवा दे रहे हैं. इस दौरान उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर न्यूज कंटेट राइटर के तौर पर काम किया है. वह टेक, ऑटो, एंटरटेनमेंट और इस्पोर्ट्स पर लिखने में रुची रखते हैं.

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