AI impact on jobs in India: Artificial Intelligence अब सिर्फ टेक्नोलॉजी का हिस्सा नहीं रहा, बल्कि प्रोफेशनल लाइफ का भी अहम हिस्सा बन चुका है. AI और ऑटोमेशन का तेजी से बढ़ता इस्तेमाल जहां काम को आसान बना रहा है, वहीं लाखों लोगों की नौकरी पर भी खतरा मंडरा रहा है. अब नेशनल फाउंडेशन फॉर एजुकेशनल रिसर्च (NFER) की एक नई रिपोर्ट ने आने वाले समय का और भी डरावना अंदाज़ा पेश किया है.
2035 तक 30 लाख लो-स्किल्ड नौकरियां होंगी खत्म
रिपोर्ट के अनुसार, अगले दस सालों में यानी 2035 तक लगभग 3 मिलियन यानी 30 लाख लो-स्किल्ड जॉब्स खत्म हो जाएंगी। इसकी वजह तेज़ी से बढ़ती AI टेक्नोलॉजी और मशीन-आधारित ऑटोमेशन है.
हालांकि इसी दौरान करीब 2.3 मिलियन नई नौकरियां भी पैदा हो सकती हैं, लेकिन यह फायदा हर सेक्टर को एक जैसा नहीं मिलेगा. यानी कुछ क्षेत्र नई नौकरियों में उभरेंगे, जबकि कुछ पूरी तरह गिरावट का सामना करेंगे.

किन नौकरियों पर पड़ेगा सबसे बड़ा असर?
रिपोर्ट के मुताबिक, मैकेनिकल व लो-स्किल्ड जॉब्स पर सबसे ज्यादा असर होगा:
- फैक्ट्री में काम करने वाले administrative assistants
- मशीन ऑपरेटर
- कैशियर
- वेयरहाउस वर्कर्स
- रूफिंग, प्लंबिंग, इलेक्ट्रिकल जैसे ट्रेड जॉब्स
ऑटोमेशन इन जॉब्स को इतनी तेज़ी से रिप्लेस कर रहा है कि आने वाले सालों में इनकी डिमांड लगभग खत्म हो सकती है.
कौन सी नौकरियां होंगी ‘AI-Proof’?
NFER के अनुसार, क्रिएटिविटी, निर्णय लेने की क्षमता और जटिल परिस्थितियों को संभालने वाली नौकरियां भविष्य में सुरक्षित रहेंगी. इन भूमिकाओं की डिमांड बढ़ेगी:
- शिक्षक (Educators)
- वैज्ञानिक (Scientists)
- इंजीनियर
- मनोविज्ञानी (Psychologists)
- मैनेजमेंट सेक्टर
इन प्रोफेशन्स के लोग AI के विकास और उसके नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.
हेल्थकेयर और एजुकेशन में बढ़ेगी मांग
रिपोर्ट में कहा गया है कि हेल्थकेयर, शिक्षा और मैनेजमेंट में नौकरियों की संख्या बढ़ेगी. लेकिन चेतावनी यह भी है कि इन सेक्टर्स के लो-बेसिक लेवल वाले काम भी ऑटोमेशन के कारण खत्म हो सकते हैं.
रिपोर्ट के लेखक का बड़ा बयान
NFER की रिपोर्ट के लेखक जूड हिलरी का कहना है, ‘AI और ऑटोमेशन को लेकर बहुत अनिश्चितता है. यह कैसे और कितनी जल्दी आगे बढ़ेगा, कोई नहीं जानता. कई कंपनियों में डर बढ़ रहा है कि AI के कारण कितनी नौकरियां हट जाएंगी.’
2025 में ही दिख चुका है असर
2025 तक Google, Meta, Amazon जैसी बड़ी कंपनियां हजारों नौकरियों पर कैंची चला चुकी हैं. रिपोर्ट का दावा है कि आने वाले समय में यह सिलसिला और तेज़ होगा।
नई नौकरियां तो आएंगी, लेकिन स्किल गैप होने के कारण वे उन्हीं लोगों को मिलेंगी जो AI स्किल्स में आगे होंगे.
यानी भविष्य उन लोगों के लिए मुश्किल होगा जो स्किल अपडेट नहीं करेंगे, जबकि हाई-स्किल प्रोफेशनल्स के लिए यह समय सुनहरा साबित हो सकता है.
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