WhatsApp–Telegram हो जाएगा बंद! ये एक गलती पड़ सकता भारी, सरकार ने जारी किए सख्त आदेश

Sachin Singh
Written by: Sachin Singh

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Govt DoT New Rules 2025: सरकार ने 28 नवंबर को यह आदेश जारी किया, जिसमें कहा गया कि कई ऐप-आधारित कम्युनिकेशन सर्विसेज़ ऐसी सुविधा देती हैं, जहां यूज़र फोन में सिम मौजूद न होने पर भी इन ऐप्स का उपयोग कर लेते हैं. इससे सुरक्षा जोखिम बढ़ रहा है, क्योंकि साइबर अपराधी विदेश से भारतीय नंबरों के जरिए धोखाधड़ी कर रहे हैं.

डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस (DoT) ने स्पष्ट किया कि यह निर्देश भारत में टेलिकॉम सिक्योरिटी मजबूत करने और टेलीकॉम पहचान (Telecom identifiers) के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए जरूरी हैं.

क्यों ज़रूरी हुई सख्ती?

DoT ने नोटिस में कहा कि बिना सिम मौजूद रहने पर भी इन ऐप्स का चलना टेलीकॉम साइबर सिक्योरिटी के लिए चुनौती बन गया है.

साइबर अपराधी भारतीय फोन नंबरों का इस्तेमाल करके देश के बाहर से OTP फ्रॉड, बैंकिंग फ्रॉड और सोशल इंजीनियरिंग जैसी छल-कपट वाली गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे.

इन खतरे को देखते हुए सरकार ने नियम सख्त कर दिए हैं.

क्या बदल जाएगा आपकी मैसेजिंग ऐप में?

1. एक्टिव SIM लिंक अनिवार्य

सभी मैसेजिंग ऐप WhatsApp, Telegram, Signal, Arattai, Snapchat, Sharechat, JioChat, Josh अब तभी चलेंगे, जब वह नंबर का सिम आपके फोन में एक्टिव मौजूद होगा.

  • यह बदलाव 90 दिनों के भीतर लागू करना होगा.
  • फोन में सिम बदले बिना ऐप चलाना अब संभव नहीं होगा.

2. वेब वर्ज़न हर 6 घंटे में ऑटो-लॉगआउट

अगर आप WhatsApp Web या Telegram Web का इस्तेमाल करते हैं, तो ध्यान दें:

  • अब वेब वर्जन हर 6 घंटे बाद अपने-आप लॉगआउट होगा.
  • दोबारा लॉगिन करने के लिए यूज़र को फिर से QR स्कैन करना होगा.
  • यह कदम अकाउंट हाईजैकिंग और अनधिकृत पहुंच पर लगाम लगाने के लिए है.

3. 120 दिन में जमा करनी होगी कंप्लायंस रिपोर्ट

सभी ऐप कंपनियों को 120 दिनों के भीतर DoT को बताना होगा कि उन्होंने इन निर्देशों का पालन कर लिया है.

कब से लागू होंगे ये नियम?

आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो चुका है.

ऐप कंपनियों को 90 दिनों में तकनीकी बदलाव पूरे करने होंगे.

नियम तब तक लागू रहेंगे, जब तक DoT उन्हें बदल न दे या वापस न ले.

अगर कंपनियां मानेंगी नहीं तो?

DoT ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्देशों का उल्लंघन करने पर Telecommunications Act, 2023, Telecom Cyber Security Rules और अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी.

कुल मिलाकर केंद्र सरकार ने सख्त निर्देश जारी किए हैं कि व्हाट्सएप, टेलीग्राम, सिग्नल जैसे सभी ऐप-आधारित मैसेजिंग प्लेटफॉर्म अब लगातार यूज़र के एक्टिव सिम कार्ड से लिंक रहेंगे. यानी जिस नंबर से ऐप रजिस्टर है, उसी सिम का फोन में मौजूद रहना अब जरूरी होगा। इस बड़े फैसले का सीधा असर भारत में करोड़ों यूज़र्स पर पड़ेगा.

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सचिन सिंह 4 साल से मीडिया में अपनी सेवा दे रहे हैं. इस दौरान उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर न्यूज कंटेट राइटर के तौर पर काम किया है. वह टेक, ऑटो, एंटरटेनमेंट और इस्पोर्ट्स पर लिखने में रुची रखते हैं.

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