Chhath Puja 2025 Bhojpuri Geet: बिहार में आस्था और श्रद्धा का सबसे बड़ा पर्व छठ पूजा बस आने ही वाला है. 25 अक्टूबर से यह चार दिवसीय महापर्व शुरू होगा और 28 अक्टूबर को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ समाप्त होगा। इस पर्व की महक न केवल घाटों पर बल्कि हर घर, हर दिल में महसूस की जाती है. छठ पूजा के दौरान सूरज देव और छठी मैया की आराधना पूरे भक्ति भाव से की जाती है और इस पूजा की सबसे खास बात यह है कि इसमें गीत-संगीत की पवित्र धुनें हर ओर गूंजती हैं.
आस्था से सराबोर छठ पूजा का महत्व
छठ पर्व केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह प्रकृति, जल, सूर्य और मातृत्व की आराधना का उत्सव है. महिलाएं उपवास रखकर नदी या तालाब के किनारे खड़ी होकर डूबते और उगते सूरज को अर्घ्य देती हैं. इस दौरान छठी मैया की भक्ति में लीन लोगों की आंखों में जो श्रद्धा झलकती है, वह इस पर्व को और भी दिव्य बना देती है.
भक्ति में डूबे भोजपुरी छठ गीतों का जादू
छठ पूजा का जिक्र हो और भोजपुरी गीतों की बात न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता. जैसे ही छठ का माहौल बनता है, हर गली-मोहल्ले में पवन सिंह, खेसारी लाल यादव, प्रियंका सिंह, शिल्पी राज और अंकुश राजा की आवाज़ें गूंजने लगती हैं. इन गीतों में लोक-संस्कृति की मिठास और मां छठी के प्रति भक्ति का सागर बहता है.
कुछ पॉपुलर गीत जो इस बार आपकी प्लेलिस्ट में ज़रूर होने चाहिए:
- ‘जोड़े जोड़े फलवा सुरुज देव’ – पवन सिंह
- ‘छठी मैया के दुआ मिली’ – पवन सिंह
- ‘छठ घाट पे आइल बानी’ – खेसारी लाल यादव
- ‘हे छठी मैया सुन ल’ – प्रियंका सिंह
- ‘आ गईल छठी मैया’ – शिल्पी राज
- ‘जय छठी मैया’ – सोनू निगम और पवन सिंह
- ‘केलवा के पात पर उग ये सूरज देव’ – शारदा सिन्हा
शारदा सिन्हा: छठ गीतों की अमर आवाज़
भोजपुरी संगीत जगत में छठ पूजा के गीतों की आत्मा रही हैं शारदा सिन्हा. उनके गाए गीत आज भी हर घाट, हर आंगन में श्रद्धा का माहौल बना देते हैं. भले ही 5 नवंबर 2024 को यह महान गायिका हमें छोड़कर चली गईं, लेकिन उनके गानों ने छठ पूजा को एक अमर स्वर दे दिया है. आज भी ‘केलवा के पात पर उग ये सूरज देव’ जैसे गीतों पर भक्त भावविभोर हो जाते हैं.
छठ का संदेश: भक्ति, पर्यावरण और एकता का संगम
छठ पूजा न केवल सूर्य उपासना है, बल्कि यह सच्ची निष्ठा, अनुशासन और आत्म-शुद्धि का पर्व है. जब सूरज की पहली किरण जल पर पड़ती है और श्रद्धालु folded hands के साथ ‘जय छठी मैया’ गाते हैं, तब लगता है मानो पूरा ब्रह्मांड भक्ति में डूब गया हो.
छठ पूजा का त्योहार सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह आस्था, संगीत और संस्कृति का उत्सव है. इस वर्ष जब आप घाट पर जाएं या घर में पूजा करें, तो इन पवित्र गीतों को ज़रूर सुनें क्योंकि छठी मैया की आराधना संगीत के बिना अधूरी है.
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